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best astrologer in Noida Famous Astrologer in Noida सर्व विघ्नों का नाश करने वाली 'महाविद्या तारा', स्वयं भगवान शिव को अपना स्तन दुग्ध पान कराकर पीड़ा से मुक्त करने वाली। देवी महा-काली ने हयग्रीव नमक दैत्य के वध हेतु नीला वर्ण धारण किया तथा उनका वह उग्र स्वरूप उग्र तारा के नाम से विख्यात हुआ। ये देवी या शक्ति, प्रकाश बिंदु के रूप में आकाश के तारे के समन विद्यमान हैं, फलस्वरूप देवी तारा नाम से विख्यात हैं। शक्ति का यह स्वरूप सर्वदा मोक्ष प्रदान करने वाली तथा अपने भक्तों को समस्त प्रकार के घोर संकटों से मुक्ति प्रदान करने वाली हैं। देवी का घनिष्ठ सम्बन्ध 'मुक्ति' से हैं, फिर वह जीवन और मरण रूपी चक्र हो या अन्य किसी प्रकार के संकट मुक्ति हेतु। देवी तारा अपने मुख्य तीन स्वरूप से विख्यात हैं, उग्र तारा, नील सरस्वती तथा एक-जटा। संक्षेप में देवी तारा से सम्बंधित मुख्य तथ्य। मुख्य नाम : तारा। अन्य नाम : उग्र तारा, नील सरस्वती, एकजटा। भैरव : अक्षोभ्य शिव, बिना किसी क्षोभ के हलाहल विष का पान करने वाले। भगवान विष्णु के २४ अवतारों से सम्बद्ध : भगवान राम। कुल : काली कुल। दिशा : ऊपर की ओर। स्वभाव : सौम्य उग्र, तामसी गुण सम्पन्न। वाहन : गीदड़। सम्बंधित तीर्थ स्थान या मंदिर : तारापीठ, रामपुरहाट, बीरभूम, पश्चिम बंगाल, भारत; सुघंधा, बांग्लादेश तथा सासाराम, बिहार, भारत। कार्य : मोक्ष दात्री, भव-सागर से तारने वाली, जन्म तथा मृत्यु रूपी चक्र से मुक्त करने वाली। शारीरिक वर्ण : नीला। Please like ! Subscribe Our Youtube Channel www.youtube.com/deepaliastro
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